नमस्कार दोस्तों, जैसा कि आप सभी जानते हैं, PCOS/PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम/डिसऑर्डर) एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। कुछ फलों का सेवन इस स्थिति में सीमित करना चाहिए, क्योंकि वे ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकते हैं या हार्मोनल असंतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। PCOS/PCOD में कौन-कौन से फल नहीं खाने चाहिए? विशेष रूप से, उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले फल जैसे कि आम, अनानास, तरबूज, और बहुत पके केले से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, डिब्बाबंद फल या फलों के जूस, जिनमें अतिरिक्त चीनी होती है, से भी बचना चाहिए। हालांकि, कम GI वाले फल जैसे सेब, बेरीज़ (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी), और कीवी को संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है।
पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD) आजकल महिलाओं में एक आम समस्या बन चुकी है। यह हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी स्थिति है, जो अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर अनचाहे बाल, मुहांसे और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याओं का कारण बनती है। इस स्थिति को नियंत्रित करने में खानपान का विशेष महत्व है।
फल आमतौर पर स्वास्थ्यवर्धक माने जाते हैं, लेकिन PCOS/PCOD में कुछ फल ऐसे हैं जो लक्षणों को और बढ़ा सकते हैं। खासकर वे फल जिनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है या जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) हाई होता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि PCOS/PCOD में किन फलों से परहेज करना चाहिए, क्यों, और कौन से फल खाने चाहिए।

PCOS/PCOD क्या है और खानपान का इसमें रोल
PCOS/PCOD एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है। इसमें इंसुलिन रेसिस्टेंस, एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का बढ़ना, और ओव्यूलेशन में कमी जैसी समस्याएं होती हैं। इसका असर मासिक धर्म, वजन, त्वचा और प्रजनन स्वास्थ्य पर पड़ता है।
खानपान इस स्थिति को मैनेज करने में 60-70% तक योगदान देता है। विशेष रूप से, हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों से बचना जरूरी है, क्योंकि ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे इंसुलिन रेसिस्टेंस और हार्मोनल असंतुलन बढ़ता है। फल चुनते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ फल PCOS के लक्षणों को और गंभीर कर सकते हैं।
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PCOS/PCOD में किन फलों से बचना चाहिए?
1. केला (Banana)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- केले में प्राकृतिक शुगर (फ्रुक्टोज) और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है।
- इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम से उच्च (लगभग 60-70) होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है।
- इसमें फाइबर की मात्रा कम होती है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करने में मदद नहीं करता।
PCOS पर असर:
- PCOS में इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या आम है। केला खाने से ब्लड शुगर में तेज उछाल आता है, जिससे इंसुलिन का स्तर बढ़ता है।
- यह वजन बढ़ाने में योगदान दे सकता है, जो PCOS में एक बड़ी समस्या है।
- ज्यादा केला खाने से हार्मोनल असंतुलन और सूजन बढ़ सकती है।
कितना खाएं?
- पूरी तरह से बचना बेहतर है, लेकिन अगर बहुत जरूरी हो तो आधा केला दिन में एक बार खाया जा सकता है, वो भी प्रोटीन या फाइबर युक्त भोजन के साथ।
2. आम (Mango)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- आम में फ्रुक्टोज की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो इसे हाई GI फल (GI: 50-60) बनाता है।
- गर्मियों में ज्यादा आम खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है।
- इसमें कैलोरी भी ज्यादा होती है, जो वजन बढ़ाने में मदद करती है।
PCOS पर असर:
- आम का अधिक सेवन इंसुलिन लेवल को बिगाड़ सकता है, जिससे एंड्रोजन हार्मोन बढ़ता है।
- यह फैट स्टोरेज को बढ़ावा देता है, जो PCOS में सूजन और हार्मोनल असंतुलन को और खराब करता है।
- बार-बार आम खाने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है।
कितना खाएं?
- सप्ताह में एक बार छोटा टुकड़ा (50-70 ग्राम) खाया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह टालना बेहतर है।
3. अनानास (Pineapple)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- अनानास में प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है, और इसका GI (लगभग 66) हाई कैटेगरी में आता है।
- इसमें फाइबर कम होता है, जिससे शुगर तेजी से अवशोषित होता है।
- इसका खट्टा-मीठा स्वाद ललचाता है, लेकिन PCOS में इसे सीमित करना जरूरी है।
PCOS पर असर:
- अनानास ब्लड शुगर में तेज उछाल लाता है, जो इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ाता है।
- यह हार्मोनल असंतुलन को और बिगाड़ सकता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
- ज्यादा अनानास खाने से मेटाबॉलिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कितना खाएं?
- महीने में एक-दो बार छोटी मात्रा में खाया जा सकता है, लेकिन इसे नियमित डाइट का हिस्सा न बनाएं।
4. अंगूर (Grapes)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- अंगूर छोटे-छोटे होते हैं, लेकिन इनमें शुगर कंटेंट बहुत ज्यादा (GI: 59) होता है।
- इनमें फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है, जिससे शुगर जल्दी अवशोषित होता है।
- इन्हें ज्यादा खाना आसान होता है, जिससे कैलोरी इनटेक बढ़ जाता है।
PCOS पर असर:
- अंगूर खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है, जो इंसुलिन लेवल को अस्थिर करता है।
- इससे एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जो मुहांसे और अनचाहे बालों की समस्या को बढ़ाता है।
- वजन नियंत्रण में भी दिक्कत हो सकती है।
कितना खाएं?
- पूरी तरह से परहेज करें, या 4-5 अंगूर सप्ताह में एक बार खाएं।
5. तरबूज (Watermelon)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन इसका GI बहुत हाई (72) है।
- इसमें फ्रुक्टोज की मात्रा ज्यादा होती है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है।
- यह जल्दी पचता है, जिससे भूख जल्दी लग सकती है।
PCOS पर असर:
- तरबूज ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव लाता है, जो इंसुलिन रेसिस्टेंस को और गंभीर करता है।
- यह हार्मोनल असंतुलन को बढ़ाता है, जिससे PCOS के लक्षण बिगड़ सकते हैं।
- ज्यादा खाने से वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
कितना खाएं?
- छोटा टुकड़ा (100 ग्राम) कभी-कभार खाया जा सकता है, लेकिन नियमित सेवन से बचें।
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6. चीकू (Sapota)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- चीकू में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज की मात्रा बहुत ज्यादा होती है (GI: 55-60)।
- इसमें कैलोरी भी अधिक होती है, जो वजन बढ़ाने में योगदान देती है।
- इसका मीठा स्वाद इसे ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करता है।
PCOS पर असर:
- चीकू मोटापा बढ़ाता है, जो PCOS के लक्षणों को और गंभीर करता है।
- यह एंडोक्राइन सिस्टम को असंतुलित करता है, जिससे हार्मोनल समस्याएं बढ़ती हैं।
- इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ाने में भी योगदान देता है।
कितना खाएं?
- पूरी तरह से टालें, या बहुत कम मात्रा में (आधा चीकू) महीने में एक बार खाएं।
7. लीची (Lychee)
क्यों नहीं खाना चाहिए?
- लीची में हाई शुगर कंटेंट (GI: 50-55) होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है।
- इसमें फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है।
- इसका मीठा स्वाद ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करता है।
PCOS पर असर:
- लीची ब्लड शुगर में तेज उछाल लाती है, जिससे इंसुलिन और एंड्रोजन का स्तर बढ़ता है।
- यह पीरियड्स की अनियमितता और फर्टिलिटी समस्याओं को बढ़ा सकती है।
- सूजन और मेटाबॉलिक समस्याओं को भी बढ़ावा देती है।
कितना खाएं?
- सप्ताह में 2-3 लीची कभी-कभार खाई जा सकती हैं, लेकिन नियमित सेवन से बचें।
हाई GI फल क्यों हैं हानिकारक?
PCOS/PCOD में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल खाने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
- ब्लड शुगर में तेज उछाल: ये फल ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे शरीर को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है।
- इंसुलिन रेसिस्टेंस: PCOS में पहले से ही इंसुलिन रेसिस्टेंस होता है। हाई GI फल इसे और बढ़ाते हैं।
- हार्मोनल असंतुलन: ज्यादा इंसुलिन से एंड्रोजन हार्मोन बढ़ता है, जो अनचाहे बाल, मुहांसे और अनियमित पीरियड्स का कारण बनता है।
- वजन बढ़ना: ये फल कैलोरी और फैट स्टोरेज को बढ़ाते हैं, जो PCOS को और जटिल करता है।
- सूजन: हाई शुगर कंटेंट सूजन को बढ़ाता है, जो मेटाबॉलिज्म और प्रजनन स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
PCOS/PCOD में कौन से फल खाएं?
हाई GI फलों से बचने के साथ-साथ, लो GI और फाइबर युक्त फल खाने चाहिए। ये फल ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं और हार्मोनल संतुलन में मदद करते हैं। यहाँ कुछ सुरक्षित फल हैं:
| फल का नाम | लाभ |
| सेब (Apple) | हाई फाइबर, लो GI (36), ब्लड शुगर को स्थिर रखता है। |
| जामुन (Berries – स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी) | एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर, सूजन कम करते हैं। |
| नाशपाती (Pear) | लो GI (38), फाइबर युक्त, मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है। |
| अमरूद (Guava) | हाई फाइबर, विटामिन C, और लो GI (12-24)। |
| संतरा (Orange) | हाई वाटर कंटेंट, लो GI (43), इम्यूनिटी बढ़ाता है। |
| कीवी (Kiwi) | विटामिन C और फाइबर से भरपूर, पाचन में सहायक। |
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फल खाने का सही तरीका
PCOS/PCOD में फल खाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- समय: फल सुबह या दोपहर में खाएं। रात में फल खाने से बचें, क्योंकि मेटाबॉलिज्म धीमा होता है।
- मात्रा: एक बार में 1 फल या 1 कप कटे हुए फल से ज्यादा न खाएं।
- जूस से बचें: पूरा फल खाएं, क्योंकि जूस में फाइबर नहीं होता और शुगर तेजी से अवशोषित होती है।
- कॉम्बिनेशन: फल को प्रोटीन (जैसे दही) या हेल्दी फैट (जैसे नट्स) के साथ खाएं ताकि शुगर धीरे रिलीज हो।
- भूखे पेट न खाएं: खासकर मध्यम GI वाले फल भूखे पेट न खाएं, क्योंकि इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
PCOS/PCOD डाइट टिप्स
- लो GI डाइट: लो GI खाद्य पदार्थ जैसे साबुत अनाज, दालें, और हरी सब्जियां खाएं।
- प्रोटीन बढ़ाएं: अंडे, मछली, चिकन, और पनीर जैसे प्रोटीन युक्त भोजन लें।
- हेल्दी फैट: एवोकाडो, नट्स, और जैतून का तेल शामिल करें।
- पानी पिएं: दिन में 2-3 लीटर पानी पिएं।
- एक्सरसाइज: रोज 30-45 मिनट की हल्की एक्सरसाइज (जैसे योग, वॉकिंग) करें।
- तनाव कम करें: ध्यान और गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या PCOS में आम कभी-कभी खाया जा सकता है?
हां, अगर आपकी डाइट पूरी तरह संतुलित है, तो सप्ताह में एक बार छोटा टुकड़ा (50-70 ग्राम) खाया जा सकता है। लेकिन इसे नियमित न करें।
2. क्या डाइट से ही PCOS/PCOD कंट्रोल हो सकता है?
हां, 60-70% मामलों में सही डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल बदलाव से PCOS को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि, गंभीर मामलों में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
3. क्या सूखे मेवे (Dry Fruits) फल की तरह ही माने जाते हैं?
नहीं, बादाम, अखरोट, और काजू जैसे सूखे मेवे पोषक होते हैं, लेकिन इनमें फैट ज्यादा होता है। इन्हें सीमित मात्रा (10-15 ग्राम) में खाएं।
4. क्या जूस पीना ठीक है?
नहीं, जूस में फाइबर नहीं होता, और यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। पूरा फल खाना बेहतर है।
5. PCOS में कितने फल खाने चाहिए?
दिन में 1-2 फल, वो भी लो GI वाले, पर्याप्त हैं। ज्यादा फल खाने से कैलोरी बढ़ सकती है।
निष्कर्ष:PCOS/PCOD में कौन-कौन से फल नहीं खाने चाहिए?
PCOS/PCOD में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल जैसे केला, आम, अनानास, अंगूर, तरबूज, चीकू और लीची से बचें या इन्हें बहुत सीमित मात्रा में खाएं। इनके बजाय सेब, जामुन, नाशपाती, अमरूद, संतरा और कीवी जैसे लो GI फल चुनें।
सही डाइट के साथ-साथ नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी, और तनाव प्रबंधन से PCOS के लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आपको गंभीर लक्षण हैं, तो डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह जरूर लें। सही जीवनशैली और खानपान से आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
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